14 अगस्त 1947 कि रात को आजादी नहीं आई बल्कि ट्रान्सफर ऑफ़ पॉवर का एग्रीमेंट हुआ था

>> Saturday, August 15, 2015

आदरणीय दोस्तों,

आपने देखा होगा कि राजीव भाई बराबर सत्ता के हस्तांतरण के संधि के बारे में बाट करते थे और आप बार बार सोचते होंगे कि आखिर ये क्या है ? मैंने उनके अलग अलग व्याख्यानों में से इन सब को जोड़ के आप लोगों के लिए लाया हूँ उम्मीद है कि आपको पसंद आएगी |  पढ़िए सत्ता के हस्तांतरण की संधि ( Transfer of Power Agreement ) यानि भारत के आज़ादी की संधि | ये इतनी खतरनाक संधि है की अगर आप अंग्रेजों द्वारा सन 1615 से लेकर 1857 तक किये गए सभी 565 संधियों या कहें साजिस को जोड़ देंगे तो उस से भी ज्यादा खतरनाक संधि है ये | 
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वैलेंटाइन डे की कहानी:

>> Tuesday, February 12, 2013

मित्रो यूरोप (और अमेरिका) का समाज जो है वो रखैलों (Kept) में विश्वास करता है पत्नियों में नहीं, यूरोप और अमेरिका में आपको शायद ही ऐसा कोई पुरुष या मिहला मिले जिसकी एक शादी हुई हो, जिनका एक पुरुष से या एक स्त्री से सम्बन्ध रहा हो और ये एक दो नहीं हजारों साल की परम्परा है उनके यहाँ | आपने एक शब्द सुना होगा "Live in Relationship" ये शब्द आज कल हमारे
देश में भी नव-अिभजात्य वगर् में चल रहा है, इसका मतलब होता है कि "बिना शादी के पती-पत्नी की तरह से रहना" | तो उनके यहाँ, मतलब यूरोप और अमेरिका में ये परंपरा आज भी चलती है,
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मेरे भाई ने राजीव दिक्सित जिस से क्या सिखा

>> Monday, May 7, 2012

आज से लगभग १५ वर्ष पहले भाई साहिब ने राजीव दिक्सित जी को कैस्ट पर सुना था, उन्होंने बहुत से बाते राजीव भाई से सीखी जिन को उन्होंने निम्न शब्दों में व्यक्त किया है |

१. राजीव दीक्षित जी पहले ही पर्वच्नों से मैं इतना प्रभावित हुआ कि मैंने कोका कोला पीना हमेशा के लिए त्याग दिया |

२. मेरा ध्यान स्वदेशी प्रचार में जुट गया ओर स्वयम भी विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने लगा |

३. मेरे पास दुकान पर कोका कोला पेप्सी बिक्री के लिए डीलर आया ओर फ्री में फ्रिज दुकान पर रखने को बोला पर मैने साफ मना कर दिया |

४. पिजा बर्गर मेगी मैंने स्वयम कभी नहीं खाई किन्तु दुकान पर अवश्य बेचने के लिए रखता था लेकिन राजीव के पर्व्चानों के कारण मैने मेगी रखना बंद कर दिया |

५ मैंने उनके पर्वच्नों को जीवन में ज्यादा से ज्यादा अमल करने की कोशिश की | लोगों को राजीव भाई की सीडी सुनने के लिए प्ररित किया |

६. मैंने अंग्रेजों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जाना | कि किस प्रकार गुलामी के समय सम्पूर्ण भारत का सर्वनाश हुआ |

७. वृक्षों के उपयोग को जाना | जैसे एक निम् के दातुन तीन बार उपयोग कर सकते है |

८. अपने स्वास्थ्य को अच्छी तरह से रखने के लिए उनके अचूक नुक्सो को जाना |

९. भारत के सत्य इतिहास को जाना |

१०. मुझ में बुराई से टकर लेने के शक्ति आयी |


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राजीव दीक्षित जी के भाई से हुई फोन पर बातचीत पर प्रतिकिया

>> Wednesday, November 16, 2011

आज सुबह राकेश भाई से जानकारी प्राप्त हुई कि राजीव दीक्षित के भाई मेरे से बातचीत करना चाहते है | आज सुबह राजीव दीक्षित जी के भाई से  फोन पर बातचीत हुई तथा उन से यह जान कर खुशी भी हुई कि वह राजीव दीक्षित के उपदेशों का गांव गांव परचार करना चाहते है|  मैने उन्हें आश्वासन दिया कि यदि आप का इरादा वास्तव में राजीव दीक्षित जी के उपदेशो का परचार करना चाहते है तो Protect Your Freedom Organisation की तरफ से आप को पूरा सहयोग मेलगा क्योंकि हमारा तो एक ही उदेश्य है कि भारत के देश भगतों के उपदेश घर घर पहुचाना है | इस के लिए प्रदीप भाई उन सभी के  names and Addresses चाहते है जो राजीव भाई से मेरे माध्यम से सबंध रखते है |  Last year, मैने २५० के लगभग लोगों को राजीव भाई कि 36 hours फ्री भेजी थी इस लिया मेरे पास तक़रीबन २५० लोगों के नाम पाते है इस लिए वो आज में न सिर्फ परदीप भाई को दे रहा हूँ बल्कि जो भी राजीव भाई से प्रेम करता है वो नोट कर ले | तथा उनसे संपर्क करके देश भगती के इस कार्य को आगे ले जाये |  मेरा मानना है कि देश भगती के कार्यों में पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए | परदीप भाई को मैने कुछ सूजाव भी दिए  है उमीद है के व् इस पर अमल करेगें |

१. # परदीप भाई चाहते है कि गावं गावं राजीव दीक्षित की सीडी फ्री बांटी जाये | पर मैने उने सलाह दी कि सीडी फ्री बाँटने से पहले गांव वालों को कम से कम एक घंटा या २ घंटे राजीव दीक्षित के उपदेश सुनए भी जाये |

२. # प्रदीप भाई चाहते है के हम एक लिस्ट बनाना चाहते है जो राजीव भाई से प्यार करते है |  The time of Internet technology, it has become so easy. Just make a public online data base by writing give the name, address and tell the reason why do you love Rajiv Dixit. मैं आप भी इस बात में रूचि रखता हूँ कि आखर कितने लोगों की संख्या है जो राजीव भाई से वास्तव में प्रेम करते है |

३. # मैने प्रदीप भाई को सुझाव दिया कि हमें राजीव भाई के सभी उपदेशों कि एक लिस्ट बनानी चाहए, तथा प्रक्टिकल रूप से उस के ऊपर अमल भी करना चाहिए | राजीव भाई कहते थे के भारत देश में शराब के ऊपर ban होना चाहए पर आज 16 Nov. 2011 हो गया पर भारत में दिन पर दिन शराबों की दुकाने increase हो रही है | क्या हम राजीव भाई के उपदेश एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देने चाहए | यह फिर सभी इकठे हो को इन शराब की दुकानों को bombs से खतम कर देना चाहए | एक न एक दिन तो आप को प्रक्टिकल काम करना ही होगा | उस दिन में आप के साथ रहूँगा चाहे वो कश्मीर हो य कन्याकुमारी य भारत का कोई ओर हिसा |


४. # एक ओर भी सलाह मैने दी | जो कि आप सब के लिए भी है | जब भी आप labour chowk से आपने construction के लिए जाये य कोई कार्ये के लिए किसी को काम दे , तो उस labourer  को रखे जो मीट, मछी, अंडे व् अन्ये मासाहार का सेवन न करता हो | जो न शराब पीता न किसी अन्य नशे का सेवन करता हो | जो ना जुआ खेलता हो , न कोका कोला या पेप्सी पीता हो | इस से क्या होगा | कि सत्य कि विजये होगी | मास खाने वाले या तो झूठ बोले गे य सत्य के साथ सवीकार करेगे के वे इन में से किसी व्यसन में लिप्त है इस लिए व् आप के साथ नहीं जाये गे |  सत्य की हमेशा ही जीत होती है, जो भी सत्य बोलेगे उन में इतने शक्ति भी है कि वो इन व्यसोनों को त्याग सके | हम इस तरह उनके ऊपर दबाव डाल सकते है के इन व्यसनों का कोई लाभ नहीं इससे अब तुमहे  रोजगार भी नहीं मेलगा | इस दबाव के कारण जो इन व्यसनों में फसे हुए है वो इन व्यसनों को त्यागे गे | इस तरह सदाचारी लोगों की संख्या दुगनी चोगनी होती जाये गी | तो मुझे पूरी उमीद है एक हमारा प्रिय भारत, हमारे सपनों का भारत बनेगा |

जय हिंद

Please Note the Name and Address to Whom, I send Free CDs of Rajiv Dixit. This information in following database.




If you want to Read this Database in web form, you can read at here
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Amar Shaheed Krantikari Rajiv Dixit's Biography - Published at Protect Your Freedom Publication

>> Thursday, February 10, 2011

अमर शहीद  डाक्टर राजीव दीक्षित जी की जीवनी

( आजादी के बाद भारत से ८००० से ज्यादा विदेशी कंपनियों को भारत से भगाने के लिए साहस करने वाला भारत का पहला तथा महान क्रन्तिकारी शहीद )




हमें आप सब को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राजीव दीक्षित जी की सम्पूर्ण जीवनी Protect your freedom के प्रकाशन से प्रकाशित हो चुकी है | इस के लेखक आजाद भाई है, तथा इस जीवनी को  डाक्टर सवतंत्र  जी ने संपादन किया है |


इस जीवनी को १० भागों में लिखा गया है | यह जीवनी बहुत ही शोध करने के बाद लिखी गयी है,  डाक्टर सवतंत्र  जी के सहयोग से हम ने इस में  लगभग सभी भाषा की गलती भी दूर की है फिर भी आप के बहुमूल्य सुझाओं का स्वागत है |  अभी यह जीवनी हिंदी में प्रकाशित हुई है | पर हमारा उद्देश्य इस भारत की सभी भाषों में छपवाने का है | Dhananjay Shukla Ji इस का उनुवाद गुजराती में कर रहे है इसके लिए उनका हार्दिक धन्यवाद ! यदि आपने अपने या बच्चों की  study के लिए लेनी है तो हम आप को इसको भजने के लिए तेयार है किर्प्या हमें निचे देये ऑनलाइन आर्डर फॉर्म पर सूचित करे   | यह आप व् आपके परिवार के लिए प्रेरणा भरा उपहार होगा | जिससे आप के बच्चों में अच्छे संस्कार आयेगे |


जय हिंद



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डॉ . विभा गुप्ता जी पुणे में राजीव दीक्षित के उपदेशों का प्रचार करने के लिए हमारे समाजिक कार्यकर्त्ता

>> Monday, February 7, 2011

कोई भी कार्य बिना संगठन की शक्ति से नहीं चल सकता | कुछ दिन पहले पुणे के माननीय डॉ . विभा गुप्ता जी से फोन पर बात हुई | जिस में उन्होंने राजीव दीक्षित जी के राष्ट्र प्रेम के उपदेशों को पुणे के लोगों तक पहुँचाने के लिए पुणे के हमारे अन्य कार्यकर्ताओं की सूची मांगी थी | यदि आप भी राजीव दीक्षित जी के उपदेशों का पुणे में परचार करना चाहते हो तो क्रप्या  डॉ . विभा गुप्ता जी से ईमेल vibha00@hotmail.com पर या मोबाइल Ph. 09890264248 पर बात कर सकते हों |

डॉ . विभा गुप्ता जी ,


मेरी आप से जेसे फोन पर बात हुई थी जिस में आप ने वितीय सहयोग के साथ साथ तन व् मन से भी राष्ट्र सेवा के लिए कार्य करने के इच्छा जाहिर की थी | इसी को देखते हुए आप के पूना में राष्ट्र भक्तों की आप को सूची भेज रहा हूँ | जिन से संपर्क करके आप राजीव दीक्षित जी के देश प्रेम के उपदेशों को अपने स्तर तक सेमिनार के दुवारा भी फैला सकते हों |


१. 09762212278, satej.panditrao@gmail.com, c/o M A Karlekar, Laxmikeshav soc,near Perugate, sadashiv peth, pune.


( his suggestion : you can give the CDs to colleges so that, they could arrange some programs so as to aware the students.)




२. Jitesh k. Chivate


Flat no 401, sinhgad darshan building,
Near Girija Restaurant, next to canal,
Near dhayari phata, sinhagad road,
Pune
chivate_jitesh@yahoo.co.in
9975061131


( His suggestion : we together will do it ......)




३. Bhushan Vardhekar,
Amey, Samata Nagar,
Gopalwadi Road,
Daund-413801
Dist-Pune
Maharashtra
India
Mobile. 8149220554


( his suggestion : I am Lecturer in P M D College, Uruli-Kanchna, Pune. I will definitely promote the students of our college to listen these lectures.
And I am planning to give these copies of CD or DVDs to my friends and insisting them to do so...
The mission we will definitely continue to our next generation)




४. Name :- Devdatta Shivaram Pendse.


Mobile No.:- 9881461411


Email :- devs.ca@gmail.com


Address:- A/2, AMAR BAUG, PUNE SOLAPUR ROAD, HADAPSAR, PUNE -411028. ( MAHARASHTRA )


( His suggestion : I am the great fan of Respected Mr. Rajiv Dixit who will remain always in our hearts. He is great son of this soil. Even i got an opportunity to meet him personally in Dharwad, karnataka.Will definately pass on his CDs to friends and relatives. I salute him for his work towards nation.)


All these respected persons got also CDs of Shri Rajiv Dixit and interested to serve at local level.


Please keep in touch


Jai Hind,
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Dangerous Poison Pilanewali Coca - Cala Co. ka Republic Day 26 Jan. 2011 per Virodh - By Madan Dubai

>> Wednesday, January 26, 2011

मदन दुबे राजीव दीक्षित जी के बचपन के दोस्त तथा आजादी बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्त्ता थे अब स्वदेशी नाम से देश भक्ति के कार्य कर रहे है,  ने सूचित किया है कि सचिन तदुलकर जिस हम अपना आदर्श मानते है | उस ने राजीव दीक्षित जी के लाख मना करने पर फिर से कोका कोला कंपनी से advertising के लिए  २० करोड़ का contract किया है ( See the reference of  Jan. 26  2011 business standard news paper at here) जो हम सब के लिए शर्म कि बात है |  अब उसके फोल्वर सचिन को देखकर जहर पीयेगे | आओ हम सब मलकर रेपुब्लीक डे पर इन दोनों का विरोध करे



विरोध पत्र

प्रिये सचिन  तदुलकर  हम ने तुम्हें अपना फेन बनाया पर तुम तो जहर बेचने वाली कम्पनी कि एड करने लग गए | काश के तुमने दूध बेचने वाली कंपनी की एड की होती तो कितना अच्छा होता | एक तो यह कंपनी जहर बेचते है दूसरा भारत से सारा लाभ ले जाती है | इस लिए हम सब राजीव दीक्षित जी के शिष्य आप के इस राष्ट्र विरोधी कराए की अलोंचना करते है |

विरोध पत्र लिखने वाले कार्यकर्ता

१. मदन दुबे 09769328407

२. आजाद vinodkumaraba@yahoo.com

3. मुकुल शुक्ला, 
सहायक महाप्रबंधक , 
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड,
सेबी भवन, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स,
बांद्रा (पूर्व), मुंबई - ४०००५१
दूरभाष - ०२२ २६४४९३१६ 
ईमेल - mukuls@sebi.gov.in


4. manoj.rcm.mda@gmail.com

-- 
Manoj Kumar "RCM"
Madhepura-852113
    Bihar
Mo------+919204022512
Ph.No--+916476-222359


5.
 

यदि आप ने भी इस विरोध पत्र पर डिजिटल सिग्नेचर करने है तो अपना ईमेल तथा नाम, फोटो   व् पता vinodkumaraba@yahoo.com  भेजे |  या

आप फेस बुक में जाकर इस को like करे गे तो इस का मतलब आप सचिन तदुलकर को भेजे जा रहे वेरोध पर सिग्नेचर कर रहे हो | for going to facebook, please click here.  जय हिंद




from Rakesh MAHARASHTRA
rsonar2005@yahoo.co.in
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गरीबों का मसीहा राजीव दीक्षित

>> Wednesday, January 19, 2011

मसीहा उस को कहा जाता है जो किसी की जीवन में रौशनी को लेकर आता है | क्योंकि राजीव दीक्षित वास्तव में भारत के लाखों परिवारों में आशा की एक नई रौशनी लेकर आ रहे थे , इस लिए राजीव दीक्षित वास्तव में गरीबों के मसीहा है| उन का एक पल भारत में से केसे गरीबी दूर हो सकती है के तरीके इजात करने में बिता , उन्होंने आपने जीवन में सबसे ज्यादा उपदेश गरीबी की समस्या के कारण को बताने तथा उसके हल में दिए | उन्होंने अपनी इस छोटी सी आयु में १५००० से भी ज्यादा उपदेश दिए | तथा कश्मीर के एक गरीब से लेकर कन्याकुमारी तक के गरीबों की आवाज को ऊपर उठाने की कोशिश की | उनोने यह प्रमाणों के दुआरा सिद्ध कर दिया के , भारत को कमजोर भारत के ही गदार कर रहे है | यह गदार भष्टाचारी नेता के रूप में है , विदेशी कपनियों के रूप में है , तथा भारत के ही कुछ कुते चमचे है जो चंद पासों के लिए अपना इमान, धर्म, कर्म , अच्छाई त्याग कर विदेशी कपनियों की दस्ता स्वीकार करके जीरो टेक्नोलोजी का सामान का उपबोग करके भारत को आर्थिक रूप से कमजोर कर रहे है |
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देवांशु दिवेदी का एक अच्छा सूजाव - राजीव दीक्षित जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म बननी चाहिए

>> Tuesday, January 4, 2011

विनोद जी नमस्कार,
आज दोपहर को मुझे राजीव जी के व्याख्यानों की सीडियाँ प्राप्त हुईं | इस अनमोल उपहार को देने के लिए बहुत - बहुत धन्यवाद |
मुझको उम्मीद थी कि उनके व्याख्यानों के साथ उनके जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म भी होगी, परन्तु ऐसा नहीं है इसलिए मेरे सुझाव है कि उनके जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म बनवाई जानी चाहिए तथा जगह - जगह उसका प्रदर्शन करवाना चाहिए, जब देश के आधिकाधिक लोग उनसे एवं उनके द्वारा किये गए कार्यों से परिचित होंगे तभी लोग उनके विचारों को जानने के लिए उत्सुक होंगे |
मैं राजीव जी द्वारा दिए गए प्रत्येक विषय के भाषण को सुनने का आकांक्षी हूँ | कुछ दिनों पहले मैंने संस्कार चैनल में राजीव जी द्वारा 'हमारी ऐतिहासिक भूलें' विषय पर तथा हिंदी भाषा के महत्व पर दिए गए भाषण सुना था जोकि इन सीडियों पर नहीं हैं, अतः मेरा निवेदन है की राजीव जी के भाषणों की सीडियों के सेट में उपरोक्त विषयों के भाषणों को भी सम्मिलित करें तथा राजीव जी के द्वारा दिए गए अलग -अलग विषयों के भाषणों में जो भी आपके पास उपलब्ध हों उन्हें मुझ तक पहुँचाने का प्रयास करें |
मेरा मानना है की राजीव जी एवं स्वदेशी विचार के प्रेरक हमारे अनेकों राष्ट्रभक्तों के विचारों को हम तब तक पूरी तरह से आत्मसात नहीं कर सकते जबतक उनके एक प्रमुख सूत्र को नहीं अपना लेते, और वह सूत्र है हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी का विकास | वर्तमान में स्थिति यह है की यदि किसी से हिंदी नहीं बनती है तो कोई दिक्कत नहीं है, जबकि यदि किसी से अंग्रेजी नहीं बनती है तो उसके लिए यह शर्म की बात मानी जाती है | ऐसा क्यों है की हम जिस भाषा को सुनकर और बोलकर बड़े होते हैं कुछ समय बाद उसको बोलने में शर्म महसूस करते है , ऐसा मैं सिर्फ हिंदी के लिए नहीं बल्कि सभी भारतीय भाषाओँ के लिए लिख रहा हूँ | जिस भाषा को गैर हिंदी राज्य से आये एवं कई भाषाओँ के जानकार भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने राष्ट्रभाषा तथा देश-देश घूमे एवं बहुभाषाविद राहुल सांकृत्यायन ने श्रेष्ठ भाषा कहा है वही हिंदी भाषा आज अंग्रेजी की गुलामी कर रही है|
मेरे मानना है की स्वदेशी आन्दोलन की प्रेरणा देने वाले संगठन के नाम में यदि अंग्रेजी शब्द है तो वह उतना प्रभावोत्पादक नहीं हो सकता जितना की हिंदी अथवा किसी अन्य भारतीय भाषाओँ के शब्द प्रभावी हो सकते हैं | निश्चित ही आप राजीव जी के विचारों को जन - जन तक पहुँचाने का श्रेष्ठतम कार्य कर रहे हैं , परन्तु हिंदी के विकास के लिए आप कुछ हद तक उदासीन भी हैं | यह मेरे अपना दृष्टिकोण है , निश्चित ही आपका नजरिया कुछ अलग होगा , इसलिए मेरी बात यदि गलत हो तो मुझे ज़रूर बताइयेगा |

जय हिंद

उतर

प्रिये देवांशु जी,

आप के हिंदी भाषा से प्रेम तथा इस के विकास की बात सुन कर खुशी हुई , में भी आप के नजरिये से बिलकुल सहमत हूँ , मैं हिंदी के विकास में उदासीन नहीं हूँ इस का एक प्रमाण यही है के आप के इस हिंदी में लिखे सूजाव को मैने अपने वेब साईट के मुख्य प्रष्ट पर बिना किसी परिवर्तन के प्रकाशित किया है जो को समस्त विश्व के सबी उन लोगों दुआरा प्राप्त किये जेए गए जो इस के श्रोता है , चाहे वे भारत में है चाहे वेह भारत के बाहर | इस के इलावा आप का यह सूजाव १२३ देशों में रह रहे भारतियों तक भी इंटरनेट के माद्यम से पहुचें गा , यह सब इस लिए हो सकता हैं जो खुद हिंदी से प्यार करता हो | बाकि रही बात इंग्लिश की , जेसे अंग्रेज भी यहा आ कर हमें २०० साल गुलाम बना गए क्या हम इंग्लिश सीख कर उनकी भाषा में उन्हें गाली भी नही दे सकते, आज साप को साप के जेहर से मारने की बहुत जरूरत हैं | अगर अंग्रेजी सीखना पाप होता तो महान क्रन्तिकारी उदम सिंह इंग्लिश न सीखते ओर कुते अंग्रेज जिस ने जल्यावाला बाग में लाखों लोगों को मारा उस को भी न मार पाते , क्योंकि लंदन जाने के लिए तो अंग्रेजी सीखना उस समय भी जरुरी था , तथा उधम सिंह जी ने जाते ही लंदन में अंग्रेज को मारा | मुझे लगता है कि इंटनेट पर खोज इंजन इष्टतमीकरण के लिए इंग्लिश को आसानी से एक हथियार के रूप में इस्तमाल कर सकते हैं |
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Personal Talking With Rakesh Kumar about the Personality of Rajiv Dixit

>> Sunday, December 5, 2010

When Rajiv Dixit came Punjab for giving lecture, he took rest one night in Rakesh Kumar's house. I discussed about personality of Rajiv Dixit. He told me that this man had large knowledge but no pride. He also told me that once Rajiv Dixit Bhai went to Rishikesh for listening the Shri mad bhagvat Gita of Great Sanyasi and there came large number big spiritual, political and corporate leaders. All are setting below. That sanyasi called Rajiv Dixit to sit on the top of stage and give lecture for Deshbhagti for one hour. After completing lecture, Rajiv Dixit asked the question from him, " Why did you called me on the top of stage instead of other big leaders for giving lecture." Answer of Sanyasi in hindi is given below :

" राजीव दीक्षित जी ये सब है बाजीगर धरम, राजनीती के नाम पर तमाशा दिखाते है , और इस तमाशे को दिखा कर अपनी तिजोरिया धन से भरते है | मैंने इस लिया तुजे ऊपर देश भगती के उपदेश देने के लिए बुलाया है के तुम बाजीगर नहीं हो | पर सावदान रहिना ये बाजीगर जादू गर भी होते है , कब कहा किसी को लुट ले पता भी नहीं चलता | एक और बात याद रखना , मैं पहली और आखरी बार तुमे अपने साथ बिठा रहा हूँ , क्योंकि मैं तुम्हरे सत्य जीवन को पहचान गया हू |"
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Reasons of Death of Rajiv Dixit

>> Thursday, December 2, 2010

Amar Shahid Rajiv Dixit Ji ko Kot Kot Naman

"What is reason of death of Rajiv Dixit Bhai?" is the single question which every person want to know who loves Rajiv Dixit and who loves Bharat because there are large number of problems like corruption, poverty, cow killing, black money and others millions whose solution was only in hands of Rajiv Dixit. If I studied whole system I am see following things.

Formal Declaration of Death of Rajiv Dixit

From Last three years Rajiv Dixit was the Secretary of Bharat Swabhiman Trust. According to Official and formal information, " Rajiv Dixit expired due to heart attact and Cardiac arrest on 00.30 (Nov. 2010)."

But Following Words are from the lecture of Rajiv Dixit Ji



In English

"The truth is not always any formal existence. What did you listen or see, is not truth. Lal Bahadur Shastri was killed, Subhash Chandra Boss was killed, but a single clue was not found. All these things became just accident. Truth is always found with search, research and investigation."

" सचाई कभी भी फोर्मल नहीं होती, जो दिखाई देता है वो होता नहीं जो होता है वेह देखाई नहीं देता, लाल बहादुर शास्त्री जी का कतल हुआ, सुभाष चंद्र बॉस का कतल हुआ, पर आज तक एक भी सुराग नहीं मिला | वो सिर्फ एक दुर्घटना बन कर रह गई | सचाई को खोजना होता है, तब जाकर जूठ से पर्दा उठता है"



Try to Know the Truth


Q : - 1. What is heart - attact?

Ans : A heart attack occurs when blood flow to a section of heart muscle becomes blocked.

Q:- 2. What Causes a Heart Attack?


Ans.
  • Taking certain drugs, such as cocaine
  • Emotional stress or pain
  • Exposure to extreme cold
  • Cigarette smoking
  • Eating of Meat, Chicken and Eggs.
  • Diabetes (high blood sugar)
  • High blood pressure
  • High blood cholesterol
  • Overweight and obesity
Informal But Voice from Heart by Each Person

I listened mobile phone calls from all over the nation and Doubt is that someone had given slow poison. This is real cause of death.

Reason of it ?

  1. He is real freedom fighter and you can read the history of all the freedom fighters of the world and you will find that level of risk of life is 101%. So, it is true that risk of life was same when Bhai ji started "Ajadi Bhacho Andolan in 1990.
  2. भिलाई में भारत स्वाभिमान यात्रा के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिससे ३० नवम्बर २०१० को वे देहत्याग गए. उनकी मृत्यु का कारण दिल का दौरा बताया जा रहा है, जो सत्य नहीं लगता क्योंकि उनका एक व्याख्यान तो इस पर था कि बिना डॉक्टर और बिना दवा के स्वस्थ कैसे रहें. यह बड़ी साजिश लग रही है. क्योंकि उनके व्याख्यान लोगों को स्वदेशी बना रहे थे जो विदेशी कंपनियों को सहन नहीं हो रहा था. उस एक व्यक्ति में हजारों सी बुद्धि और बल था. 
    ( * It means, he was doctor and Bramchari who sacrificed everything which was risky for good health. * He was doing fight against 5000 MNC in the form of FIR, fight case in high courts and supreme court of India, Fast, Gandhi Yatra and many others)
  3. He was totally against corruption in politics and fighting against each corrupt political leader who were cheating.
  4. There is one important point of his Rs. 4 Crores which he donated for Bharat Swabhiman may be the issue of greed.  
In end it is moral duty of every bhartya to investigate this matter more seriously. I hope that one day veil of all cheating will uncover and truth of Rajiv Dixit will come in our eyes and at that time, we will able to give punishment to real faulters who take Rajiv Ji from us. But they forgot that it is not personal loss but it is loss of whole Bharat.
Jai Hind, Jai Bharat. Rajiv Dixit Amar Rahi - Shahido ki chitao per lage ge har baras mele. Marne valo ka bas yah nishah hoga.

Get Free 20 Hours CDs of Rajiv Dixit at here

Read Also : Reasons of Death of Rajiv Dixit - Part 2



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Rajiv Dixit Says, " English is Sign of Slavery

>> Thursday, July 29, 2010

राजीव दीक्षित जी ने हाल ही में दिए अपने व्याख्यान में कहा कि अंग्रजी हमारी गुलामी का पर्त्तिक है | अंग्रेजी भाषा को जरूरत से ज्यादा महत्व देना इस जहर का प्रमुख कारण है। व्यापार एवं राजनीतिक संबधों को कायम करने तक यह ठीक है, लेकिन बोलचाल व सरकारी कामकाज में इसका अत्यधिक प्रयोग घातक सिद्ध हुआ है। जिन लोगों ने हमें गुलाम बनाया, लूटा, हमारी बहन बेटियों के साथ दुर्व्यवहार किया और हम पर अत्याचार किए, उनकी भाषा का प्रयोग करना हमारे लिए शर्म की बात है। सबसे पहले राष्ट्र भाषा इसके बाद प्रांतीय, क्षेत्रीय और अंत में अंग्रेजी को महत्व दिया जाना चाहिए। हमारे यहां उल्टा ही हो रहा है। हां भारत के प्रत्येक नागरिक को कम से कम दो या तीन भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए।
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श्री राजीव दीक्षित ने कहा कि भारत कि आजादी के लिए 6,40,000 क्रांतिकारीयों ने शहादत दी

>> Thursday, July 15, 2010

श्री राजीव दीक्षित ने अपने एक लेक्चर में कहा कि भारत कि आजादी के लिए 6,40,000 क्रांतिकारीयों ने शहादत दी | उन सब क्रन्तिकर्यो का एक ही सपना था के अंग्रजों की पूरी की पूरी विवसथा बदलनी चाहिए |

ये 6,40,000 क्रन्तिकारी फांसी की सजा से मरे , काले पानी की सजा प्राप्त की अंग्रजों की गोलियों से बलिदान दिया | पर हम इतने मुरख हैं कि उन्ही अंग्रजों कि विवसथा की जै जै कर का रहे है | अपने बचो को ये अंग्रजी बहुत अच्छी है अंग्रीजी कानून बहुत अछे है आदि सिखा रहे है | इस का ही परिणाम है कि 60 crore लोगों को एक वक्त की रोटी भी नसीब नहीं.

तो आओ हम सब मिलके अंग्रजी अर्थ्विव्स्था का विरोद्ध करते है |
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