To Give Bharat Ratan to Sachin is Unluck of India - Told by Manoj
>> Thursday, January 27, 2011
प्रिय मित्रो
जैसे जैसे भारत पर विदेशी ताकतों का कब्ज़ा होता जा रहा है वेसे वेशे हमारी धरती , हमारा समाज , हमारा व्यापर , हमारा इतिहाश , हमारी संस्कृति , हमारी शिक्षा , भारतीय प्रतिक , लगभग सब परिवर्तन कर विदेशी मानसिकता के आधीन होता जा रहा है ? जरा सोचिये की जो व्यक्ति अपने पूरे करियर के अन्दर विदेशी वस्तुओ का प्रचार व करोडो रूपये वेदेशी धन कमा चूका हो और देश का करोडो का धन शराब माफिया और मल्टी-नेशनल कंपनियों द्वारा विदेशो की सेवा में करता हो उसे राष्ट्र का सर्वोच्च पदक "भारतरत्न " दिया जा रहा है ? भारत स्वाभिमान के नाते मुझे जाने क्यों बर्दाश नहीं हो रहा है ! अगर कपूत सचिन तेंदुलकर जो विदेशी कमाई के चक्कर में आजतक वर्ल्ड-कप नहीं दिला सके को "ग्रेट इन्डियन" या "इंडियन प्रिंश" या "इंडियन हीरो" का तमगा मिलता तो कोई एतराज नहीं पर जो योग के द्वारा दोबारा अपनी फार्म पाने के बावजूद उन्हें यह कहने में शर्म आरही है ? की कही वेदेशी कंपनिया न हात से न निकल जाये ! इतना कमा लिया इतना लुटा लिया?*** पूरे देश में इतना शूखा, इतनी बाड़, इतने भूकप , इतनी त्रदिसी , देश गुजरा आप ने कभी भी एक रूपये देश की मदद नहीं की , कोई भी देश का ऐसा कार्य नहीं किया जोकभी देशकी दुर्दशा , लाचारी , बेबशी , 70 % गरीबी में डूबे लोगो के liye कोई भी कार्य किया हो ! आज कल तो लोग झूठी शोहरत व शान पाने केलिए विदेशी धन कमाने इन्जियो के माध्यम से करते है परन्तु आपने तो ऐसा भी कोई कार्य नहीं किया इतना धन कमाने के बावजूद ? इनका रहेन-सहेन विदेशी गाने , विदेशी खाना , विदेशी खेल , इन्केद्वारा चलाया जा रहा विदेशी खाने का होटल इनका तो सब विदेशी है ? तबभी भारतरत्न क्यों ? विदेशी खिलाडी झूठी सोहरत पाने के liye देश के कुछ लोगो को मदद करने विदेशो से आजाते है परन्तु आपने कर्ज में डूबे देशको और डुबो कर विदेशी प्रचार से आपना उल्लू शीधा किया है! देश हितमे कभी कोई कार्य नहीं किया ? वह रे देशके सपूत देश का बेडा गर्क करने वाले को भारत रत्न मिले गा ? और जो लोग देंगे उनकी मंशा देश को दोबारा गुलाम करने की है ! ये कपूत उन्ही में शामिल है आप की राये के liye मुझसे संपर्क करे और देश को जगाये
आपका प्रिय पीताम्बर 09868420933
!! वन्दे मातरम !!
Vijay Deshmukh"
Continue reading »
जैसे जैसे भारत पर विदेशी ताकतों का कब्ज़ा होता जा रहा है वेसे वेशे हमारी धरती , हमारा समाज , हमारा व्यापर , हमारा इतिहाश , हमारी संस्कृति , हमारी शिक्षा , भारतीय प्रतिक , लगभग सब परिवर्तन कर विदेशी मानसिकता के आधीन होता जा रहा है ? जरा सोचिये की जो व्यक्ति अपने पूरे करियर के अन्दर विदेशी वस्तुओ का प्रचार व करोडो रूपये वेदेशी धन कमा चूका हो और देश का करोडो का धन शराब माफिया और मल्टी-नेशनल कंपनियों द्वारा विदेशो की सेवा में करता हो उसे राष्ट्र का सर्वोच्च पदक "भारतरत्न " दिया जा रहा है ? भारत स्वाभिमान के नाते मुझे जाने क्यों बर्दाश नहीं हो रहा है ! अगर कपूत सचिन तेंदुलकर जो विदेशी कमाई के चक्कर में आजतक वर्ल्ड-कप नहीं दिला सके को "ग्रेट इन्डियन" या "इंडियन प्रिंश" या "इंडियन हीरो" का तमगा मिलता तो कोई एतराज नहीं पर जो योग के द्वारा दोबारा अपनी फार्म पाने के बावजूद उन्हें यह कहने में शर्म आरही है ? की कही वेदेशी कंपनिया न हात से न निकल जाये ! इतना कमा लिया इतना लुटा लिया?*** पूरे देश में इतना शूखा, इतनी बाड़, इतने भूकप , इतनी त्रदिसी , देश गुजरा आप ने कभी भी एक रूपये देश की मदद नहीं की , कोई भी देश का ऐसा कार्य नहीं किया जोकभी देशकी दुर्दशा , लाचारी , बेबशी , 70 % गरीबी में डूबे लोगो के liye कोई भी कार्य किया हो ! आज कल तो लोग झूठी शोहरत व शान पाने केलिए विदेशी धन कमाने इन्जियो के माध्यम से करते है परन्तु आपने तो ऐसा भी कोई कार्य नहीं किया इतना धन कमाने के बावजूद ? इनका रहेन-सहेन विदेशी गाने , विदेशी खाना , विदेशी खेल , इन्केद्वारा चलाया जा रहा विदेशी खाने का होटल इनका तो सब विदेशी है ? तबभी भारतरत्न क्यों ? विदेशी खिलाडी झूठी सोहरत पाने के liye देश के कुछ लोगो को मदद करने विदेशो से आजाते है परन्तु आपने कर्ज में डूबे देशको और डुबो कर विदेशी प्रचार से आपना उल्लू शीधा किया है! देश हितमे कभी कोई कार्य नहीं किया ? वह रे देशके सपूत देश का बेडा गर्क करने वाले को भारत रत्न मिले गा ? और जो लोग देंगे उनकी मंशा देश को दोबारा गुलाम करने की है ! ये कपूत उन्ही में शामिल है आप की राये के liye मुझसे संपर्क करे और देश को जगाये
आपका प्रिय पीताम्बर 09868420933
!! वन्दे मातरम !!
Vijay Deshmukh"